
A | नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। भारत के हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को कल्पना बताने वालों को दो टूक जवाब देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू राष्ट्र घोषित नहीं करना है, वह है। ऋषि-मुनियों ने उसको घोषित कर दिया है। वह सत्य है।,यह किसी अधिकृत घोषणा का मोहताज नहीं है। उन्होंने कहा कि इसे मानने वाले को लाभ है, नहीं मानने वालों का नुकसान, नहीं तो उसे आजमाकर देख लो। संघ प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि हिंदू शब्द पर संघ का आग्रह बना रहेगा।,कहा, इसका हमारी संस्कृति से जुड़ाव है। इसे कोई भारतीय, हिंदवी या आर्य कहें उसका विरोध नहीं है। यह भारतीयता के तौर पर सबको जोड़ने वाला एक मात्र शब्द है। इस्लाम को खतरे के सवाल पर मोहन भागवत ने कहा कि इस्लाम नहीं रहेगा ये सोचने वाला हिंदू सोच का नहीं है। हिंदू सोच ऐसी नहीं है।,पहले दिन से जब से इस्लाम भारत में आया उस दिन से इस्लाम यहां है और रहेगा। लेकिन हिंदू-मुस्लिम के बीच की दूरी को पाटने के लिए अविश्वास खत्म करना होगा। एक तरफ, यह डर कि हिंदुओं के पास गए तो धर्म से चले जाएंगे, दूसरी तरफ हिंसात्मक इतिहास का डर। इसके कारण 75 वर्ष बाद भी आज अविश्वास बनी हुई है। इसके लिए अरब व तुर्किये से नहीं देश से जुड़ना होगा।,मथुरा-काशी मंदिर को लेकर आंदोलन के सवाल को अस्वीकृत करते हुए संघ प्रमुख ने कहा आंदोलन में संघ जाता नहीं है। मात्र एक राम मंदिर का आंदोलन था, जिससे संघ जुड़ा और उसको आखिरी तक ले गया। भागवत ने स्पष्ट रेखा खिंचते हुए कहा कि अब बाकि आंदोलनों में संघ नहीं जाएगा। लेकिन हिंदू मानस में काशी, मथुरा व अयोध्या को लेकर आस्था है तो हिंदू समाज आग्रह करेगा। संस्कृति और समाज के हिसाब से संघ इस आंदोलन में नहीं जाएगा, लेकिन स्वयंसेवक जा सकते हैं, वह हिंदू हैं। मैंने पहले भी कहा कि इन तीन को छोड़कर हर जगह मंदिर व शिवलिंग मत ढूंढो। साथ ही मुस्लिम समाज को उदारता दिखाने को कहते हुए कहा कि मैं अगर हिंदू संगठन का प्रमुख होने के नाते यह कह सकता हूं तो थोड़ा इतना भी होना चाहिए कि उधर से भी यह होता कि चलो तीन की ही बात है न, तो ले लो। यह भाई चारे के लिए एक बड़ा कदम आगे होगा।,यह भी पढ़ें- कपास पर इंपोर्ट ड्यूटी माफ करना अमेरिका के सामने घुटने टेकने जैसा... केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना。 जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सीएम-किसान योजना की तीसरी किस्त जारी की। ओयूएटी स्थित कृषि शिक्षा सदन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर किसानों के खाते में सीधे राशि ट्रांसफर की।,नुआखाई पर्व को देखते हुए किस्त एक दिन पहले जारी की गई। हर किसान के बैंक खाते में 2 हजार रुपये भेजे गए हैं। इस बार कुल 52 लाख छोटे और सीमांत किसानों को इसका लाभ मिला है। किसानों को मिली कुल सहायता राशि 1,041 करोड़ रुपये रही।,सरकार की ओर से इस योजना के तहत हर साल दो किस्तों में 4 हजार रुपये दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राशि रबी फसल 2025-26 के प्रारंभिक कृषि कार्यों में किसानों के लिए बड़ी मदद साबित होगी।,राज्य में 50 लाख से अधिक किसानों को प्रति वर्ष 4,000 रुपये मिल रहे हैं। पीएम किसान और सीएम किसान सहित कई योजनाओं में किसान भाइयों को प्रति वर्ष 10,000 रुपये दिए जा रहे हैं।,इसमें सभी किसान चाहे वह छोटे किसान हों, मंझौले किसान हों या बड़े किसान, सभी को इसका लाभ मिल रहा है। शहरी किसानों को भी इस स्कीम के अंतर्गत शामिल किया गया है। किसान सम्मान निधि के रूप इस राशि से किसान बीज खाद खरीदेंगे। राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का प्रयास कर रही है। सिंहदेव ने कहा कि पैसा कमाने के साथ-साथ स्वास्थ्य पर ध्यान देते हुए जैविक खेती करने की जरूरत है।。
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Published on:06:39:03
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